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मृगशिरा नक्षत्र · Mrigashira
मृगशिरा 27 नक्षत्रों में ५वाँ नक्षत्र है, वृषभ २३°२०′ – मिथुन ६°४०′ तक फैला हुआ। इसका स्वामी मंगल है — इस नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्मे व्यक्ति का जीवन मंगल की महादशा से शुरू होता है। गण देव, नाड़ी मध्य और योनि सर्प (सांप) — कुंडली मिलान में मिलाई जाने वाली तीन बातें। चारों चरणों के नामाक्षर: वे, वो, का, की।
- अंश
- वृषभ २३°२०′ – मिथुन ६°४०′
- स्वामी
- मंगल
- गण
- देव
- नाड़ी
- मध्य
- योनि
- सर्प (सांप)
चार चरण
| चरण | राशि | नवांश | नामाक्षर | वर्ण | तत्त्व |
|---|---|---|---|---|---|
| १ | वृषभ | सिंह | वे | वैश्य | पृथ्वी (तत्व) |
| २ | वृषभ | कन्या | वो | वैश्य | पृथ्वी (तत्व) |
| ३ | मिथुन | तुला | का | शूद्र | वायु (तत्व) |
| ४ | मिथुन | वृश्चिक | की | शूद्र | वायु (तत्व) |
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