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रोहिणी नक्षत्र · Rohini
रोहिणी 27 नक्षत्रों में ४वाँ नक्षत्र है, वृषभ १०°००′ – २३°२०′ तक फैला हुआ। इसका स्वामी चन्द्रमा है — इस नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्मे व्यक्ति का जीवन चन्द्रमा की महादशा से शुरू होता है। गण मनुष्य, नाड़ी अन्त्य और योनि सर्प (सांप) — कुंडली मिलान में मिलाई जाने वाली तीन बातें। चारों चरणों के नामाक्षर: ओ, वा, वी, वू।
- अंश
- वृषभ १०°००′ – २३°२०′
- स्वामी
- चन्द्रमा
- गण
- मनुष्य
- नाड़ी
- अन्त्य
- योनि
- सर्प (सांप)
चार चरण
| चरण | राशि | नवांश | नामाक्षर | वर्ण | तत्त्व |
|---|---|---|---|---|---|
| १ | वृषभ | मेष | ओ | वैश्य | पृथ्वी (तत्व) |
| २ | वृषभ | वृषभ | वा | वैश्य | पृथ्वी (तत्व) |
| ३ | वृषभ | मिथुन | वी | वैश्य | पृथ्वी (तत्व) |
| ४ | वृषभ | कर्क | वू | वैश्य | पृथ्वी (तत्व) |
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