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चित्रा नक्षत्र · Chitra
चित्रा 27 नक्षत्रों में १४वाँ नक्षत्र है, कन्या २३°२०′ – तुला ६°४०′ तक फैला हुआ। इसका स्वामी मंगल है — इस नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्मे व्यक्ति का जीवन मंगल की महादशा से शुरू होता है। गण राक्षस, नाड़ी मध्य और योनि व्याघ्र (बाघ) — कुंडली मिलान में मिलाई जाने वाली तीन बातें। चारों चरणों के नामाक्षर: पे, पो, रा, री।
- अंश
- कन्या २३°२०′ – तुला ६°४०′
- स्वामी
- मंगल
- गण
- राक्षस
- नाड़ी
- मध्य
- योनि
- व्याघ्र (बाघ)
चार चरण
| चरण | राशि | नवांश | नामाक्षर | वर्ण | तत्त्व |
|---|---|---|---|---|---|
| १ | कन्या | सिंह | पे | वैश्य | पृथ्वी (तत्व) |
| २ | कन्या | कन्या | पो | वैश्य | पृथ्वी (तत्व) |
| ३ | तुला | तुला | रा | शूद्र | वायु (तत्व) |
| ४ | तुला | वृश्चिक | री | शूद्र | वायु (तत्व) |
आपका जन्म नक्षत्र कौन सा है?