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स्वाती नक्षत्र · Swati

स्वाती 27 नक्षत्रों में १५वाँ नक्षत्र है, तुला ६°४०′ – २०°००′ तक फैला हुआ। इसका स्वामी राहु है — इस नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्मे व्यक्ति का जीवन राहु की महादशा से शुरू होता है। गण देव, नाड़ी अन्त्य और योनि महिष (भैंस) — कुंडली मिलान में मिलाई जाने वाली तीन बातें। चारों चरणों के नामाक्षर: रु, रे, रो, ता।

अंश
तुला ६°४०′ – २०°००′
स्वामी
राहु
गण
देव
नाड़ी
अन्त्य
योनि
महिष (भैंस)

चार चरण

चरणराशिनवांशनामाक्षरवर्णतत्त्व
१तुलाधनुरुशूद्रवायु (तत्व)
२तुलामकररेशूद्रवायु (तत्व)
३तुलाकुंभरोशूद्रवायु (तत्व)
४तुलामीनताशूद्रवायु (तत्व)

आपका जन्म नक्षत्र कौन सा है?