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पुनर्वसु नक्षत्र · Punarvasu
पुनर्वसु 27 नक्षत्रों में ७वाँ नक्षत्र है, मिथुन २०°००′ – कर्क ३°२०′ तक फैला हुआ। इसका स्वामी बृहस्पति (गुरु) है — इस नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्मे व्यक्ति का जीवन बृहस्पति (गुरु) की महादशा से शुरू होता है। गण देव, नाड़ी आद्य और योनि मार्जार (बिल्ली) — कुंडली मिलान में मिलाई जाने वाली तीन बातें। चारों चरणों के नामाक्षर: के, को, हा, ही।
- अंश
- मिथुन २०°००′ – कर्क ३°२०′
- स्वामी
- बृहस्पति (गुरु)
- गण
- देव
- नाड़ी
- आद्य
- योनि
- मार्जार (बिल्ली)
चार चरण
| चरण | राशि | नवांश | नामाक्षर | वर्ण | तत्त्व |
|---|---|---|---|---|---|
| १ | मिथुन | मेष | के | शूद्र | वायु (तत्व) |
| २ | मिथुन | वृषभ | को | शूद्र | वायु (तत्व) |
| ३ | मिथुन | मिथुन | हा | शूद्र | वायु (तत्व) |
| ४ | कर्क | कर्क | ही | ब्राह्मण | जल (तत्व) |
आपका जन्म नक्षत्र कौन सा है?