७ / २७

पुनर्वसु नक्षत्र · Punarvasu

पुनर्वसु 27 नक्षत्रों में ७वाँ नक्षत्र है, मिथुन २०°००′ – कर्क ३°२०′ तक फैला हुआ। इसका स्वामी बृहस्पति (गुरु) है — इस नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्मे व्यक्ति का जीवन बृहस्पति (गुरु) की महादशा से शुरू होता है। गण देव, नाड़ी आद्य और योनि मार्जार (बिल्ली) — कुंडली मिलान में मिलाई जाने वाली तीन बातें। चारों चरणों के नामाक्षर: के, को, हा, ही।

अंश
मिथुन २०°००′ – कर्क ३°२०′
स्वामी
बृहस्पति (गुरु)
गण
देव
नाड़ी
आद्य
योनि
मार्जार (बिल्ली)

चार चरण

चरणराशिनवांशनामाक्षरवर्णतत्त्व
१मिथुनमेषकेशूद्रवायु (तत्व)
२मिथुनवृषभकोशूद्रवायु (तत्व)
३मिथुनमिथुनहाशूद्रवायु (तत्व)
४कर्ककर्कहीब्राह्मणजल (तत्व)

आपका जन्म नक्षत्र कौन सा है?