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ज्येष्ठा नक्षत्र · Jyeshtha

ज्येष्ठा 27 नक्षत्रों में १८वाँ नक्षत्र है, वृश्चिक १६°४०′ – ३०°००′ तक फैला हुआ। इसका स्वामी बुध है — इस नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्मे व्यक्ति का जीवन बुध की महादशा से शुरू होता है। गण राक्षस, नाड़ी आद्य और योनि मृग (हिरण) — कुंडली मिलान में मिलाई जाने वाली तीन बातें। चारों चरणों के नामाक्षर: नो, या, यी, यू।

अंश
वृश्चिक १६°४०′ – ३०°००′
स्वामी
बुध
गण
राक्षस
नाड़ी
आद्य
योनि
मृग (हिरण)

चार चरण

चरणराशिनवांशनामाक्षरवर्णतत्त्व
१वृश्चिकधनुनोब्राह्मणजल (तत्व)
२वृश्चिकमकरयाब्राह्मणजल (तत्व)
३वृश्चिककुंभयीब्राह्मणजल (तत्व)
४वृश्चिकमीनयूब्राह्मणजल (तत्व)

आपका जन्म नक्षत्र कौन सा है?